छत्तीसगढ़

हिंसा छोड़ लोकतंत्र में विश्वास बस्तर के भविष्य की नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

Shantanu Roy
7 Feb 2026 7:48 PM IST
हिंसा छोड़ लोकतंत्र में विश्वास बस्तर के भविष्य की नींव: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
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छग
Raipur. रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि ‘पुना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत कुल 51 इनामी माओवादी कैडरों का हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटना छत्तीसगढ़ में शांति और विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इन माओवादियों पर कुल 1.61 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था, जिनमें बीजापुर जिले के 30 और सुकमा जिले के 21 माओवादी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इसे बस्तर अंचल में शांति-आधारित विकास की मजबूत शुरुआत बताया है।


मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि हथियारों का परित्याग कर संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था में आस्था व्यक्त करना यह स्पष्ट करता है कि हिंसा किसी भी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा, सुशासन और समावेशी विकास ही किसी भी क्षेत्र के दीर्घकालिक भविष्य की सुदृढ़ नींव होते हैं। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में यह बदलाव राज्य सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण है। मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय सुरक्षा बलों के सतत अभियान, प्रशासन की संवेदनशील कार्यप्रणाली और राज्य की प्रभावी पुनर्वास नीति को दिया। उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में बस्तर में विकास कार्यों, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों के विस्तार से लोगों का लोकतांत्रिक व्यवस्था पर विश्वास बढ़ा है। इसी का परिणाम है कि बड़ी संख्या में माओवादी कैडर हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज से जुड़ने का निर्णय ले रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘पुना मारगेम’ अभियान का उद्देश्य केवल आत्मसमर्पण कराना नहीं, बल्कि भटके हुए युवाओं को सम्मानजनक जीवन की ओर लौटाना है। राज्य सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को कौशल प्रशिक्षण, रोजगार, आवास और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रदान कर उनके सुरक्षित और स्थायी पुनर्वास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर में अब डर और हिंसा की जगह विश्वास और विकास का माहौल बन रहा है। प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच बढ़ता संवाद क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने में सहायक सिद्ध हो रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम उनके और उनके परिवारों के भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोहराया कि राज्य सरकार बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ़ में शांति, सुरक्षा और विकास को एक साथ आगे बढ़ाने के लिए संकल्पित है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और अधिक लोग हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति और समृद्धि सुनिश्चित होगी।
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